देवघर एम्स सिर्फ और सिर्फ यूपीए सरकार की देन है-मुन्नम संजय

देवघर:- बीते दिन एक चैनल के लाइव कार्यक्रम में गौड्डा सांसद निशिकांत दुबे के दिए गए बयान का जिला अध्यक्ष मुन्नम संजय ने पलटवार करते हुए कहा कि देवघर एम्स सिर्फ और सिर्फ यूपीए सरकार की देन है। मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में ही हर राज्य व हर क्षेत्र के लोगों की सुविधा देने तथा दिल्ली एम्स में बढ़ते भीड़ को कम करने के लिए हर राज्य में ऐम्स देने की स्वीकृति दिया गया है। जिस के निमित्त झारखंड राज्य में भी एम्स बनना था। परंतु जमीन उपलब्धता कराने के चलते एवं राज में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के लापरवाही के कारण विलंब से शुरू हुआ। गोड्डा सांसद अपनी झूठा श्रेय लेने के चक्कर में उक्त कार्यक्रम में यह चैलेंज किए कि अगर कांग्रेस का एक भी प्रयास दिखा दें तो राजनीतिक से सन्यास ले लूंगा और सांसद पद से भी इस्तीफा दे दूंगा। झूठ के सहारे राजनीति करने वाले सांसद को स्मृत किया जाता है कि एम्स के जन्मदाता ही कांग्रेस है। इसके लिए प्रमाण देने की आवश्यकता नहीं है, यह जगजाहिर है। वहीं सांसद ने झारखंड में एम्स को दुमका ले जाने के लिए तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद से मांग किया था। जिनके जवाबी पत्र में स्पष्ट कर दिया गया है कि अभी दुमका में एम्स बनाने की कोई योजना नहीं है। जिसकी कापी उपलब्ध कराया गया। इसलिए हमारी मांग है कि गौड्डा सांसद अविलंब संसद पद से इस्तीफा दें। गोड्डा सांसद हमेशा झूठ फरेब एवं दबाव की राजनीतिक करते आ रहे हैं, जो वर्तमान हेमंत सोरेन की सरकार में नहीं चलने वाली है। अपने गलत कामों को, फर्जी तरीके से जमीन हड़पने को कानूनी रूप नहीं देने वाले एक इमानदार जिला उपायुक्त को अपने पद के बदौलत डराया धमकाया जा रहा है। सांसद ऐसे ऑफिसर के विरुद्ध प्रिविलेज लाने का घृणित कार्य किया जा रहा है। जो काफी निंदनीय एवं शर्मनाक है।

यह प्रजातंत्र है, सांसद को यह याद रखने की जरूरत है कि सारे काम और सारा सिस्टम कानूनी रूप से संचालित होता है। अपने पद के पावर तथा अपराधिक तौर तरीके से लोगों की जमीन हड़पने का कार्य किया जा रहा है,जिसे बंद करें। सांसद के द्वारा देवघर एयरपोर्ट के पास गरीबों की जमीन को जबरन हड़प कर उस पर कुछ दबंगों के सहयोग से अपराधी रुप से बिना तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति के ही सड़क बनाने का काम किया गया तथा बिना प्रशासनिक स्वीकृति के नामकरण में किया गया। गरीबों की जमीन को बगैर अधिग्रहीत किए, बिना जमीन मालिकों को मुआवजा दिलाए, डरा तथा धमकाकर जमीन पर अवैध निर्माण करना संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम का घोर उल्लंघन है। जबकि यह कार्य विभाग द्वारा प्रक्रिया के तहत जमीन अधिग्रहण करने एवं सड़क बनाने का प्रशासनिक कार्य तीव्र गति से चल रही है। ऐसे में सांसद द्वारा सरकारी कार्य को बाधा पहुंचाने का कार्य किया गया है। गरीबों का हक एवं जमीन को छीनने का काम किया है।

वहीं गोचर जमीन पर बिना हस्तांतरण के सड़क निर्माण कार्य कराना भी गैरकानूनी है। एक संवैधानिक पद पर रहते हुए ऐसे अपराधिक कार्य को अंजाम देना, गरीबों की जमीन को हड़पना, संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम का उल्लंघन करना काफी निंदनीय है। देवघर जिला कांग्रेस पार्टी जिला प्रशासन से मांग करती है कि ऐसे अपराधिक कृत्य का सुसंगत धाराओं के तहत सांसद एवं उनके दबंग साथियों पर मुकदमा दर्ज कर गरीबों की जमीन को वापस करने का काम करें। वरना हम आंदोलन के लिए आतुर होंगें।

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