प्रखंडो और पंचायतों में कैम्प मोड पर करे कार्य- उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री

जिले के असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर ससमय करें निबंधन- उपायुक्त

रोजगार सेवक और प्रज्ञा केंद्र संचालकों की भूमिका महत्वपूर्ण- उपायुक्त

हमारे समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए साइबर क्राइम है वायरस- उपायुक्त

मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को जोड़े ई-श्रम पोर्टल से- उपायुक्त

साइबर क्राइम को रोकने में प्रज्ञा केंद्र संचालकों को जागरूक रहने की आवश्यकता- उपायुक्त

आज दिनांक 19.10.2021 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित श्रमिकों के निबंधन को प्रभवी रूप से करने के उद्देश्य से ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त द्वारा जानकारी दी गई कि असंगठित श्रमिकों यथा निर्माण श्रमिक, प्रवासी श्रमिक, घरेलू कामगार, स्वनियोजित कामगार, आषावर्कर, आंगरबाड़ी वर्कर, कृषि एवं पशुपालन में कार्यरत मजदूर आदि के निबंधन हेतु मॉडुल, पोर्टल विकसित किया गया है, ताकि नेशनल डेटाबेस ऑफ अनऑर्गनाईज्ड वर्कर निर्मित किया जा सके। साथ ही उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ देवघर जिला अंतर्गत कुल 4,88,162 असंगठित श्रमिकों का निबंधन 31.12.2021 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि इस कार्य के लिए सभी प्रज्ञा केन्द्र के संचालक प्रधिकृत हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र में कैम्प मोड में असंगठित श्रमिकों का ई-श्रम कार्ड का निबंधन ई-श्रम पोर्टल में कराना सुनिश्चित करेंगें। साथ ही संबंधित क्षेत्र के सभी जन प्रतिनिधि एवं पदाधिकारियों का सहयोग लेते हुए संबंधित अधिकारी ससमय कार्यों को पूर्ण करेंगें। आगे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के अंदर आपेक्षित प्रगति लाने का निर्देश दिया गया, ताकि अधिक से अधिक लोगों का निबंधन कर सरकार की योजना से लाभ दिया जा सकेगा। साथ ही उपायुक्त ने कहा कि लोगों को जागरूक करें निबंधन हेतु और मजदूरों को निबंधन के बाद होने वाले फायदों से सभी को अवगत कराएं, ताकि ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पाएगा। बैठक के दौरान उपायुक्त ने मनरेगा के तहत कार्य करने वाले श्रमिकों को जोड़ने के उद्देश्य से जिले के सभी रोजगार सेवक को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया।

■ ई श्रम कार्ड से होने वाले फायदों से उपायुक्त ने सभी को अवगत कराया….
ऑनलाइन बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने ई श्रम कार्ड से होने वाले फायदों से अवगत कराते हुए कहा कि अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक हैं और आपका न पीएफ कटता है और न ही ईएसआईसी का लाभ मिलता है। आपकी उम्र 16 साल से अधिक और 59 साल से कम है और इनकम टैक्स नहीं भरते हैं तो ई-श्रम कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण करते ही श्रमिक दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा का हकदार बन जाएगा। यदि कोई कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत है और दुर्घटना का शिकार होता है, तो वह मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर दो लाख रुपये और आंशिक विकलांगता पर एक लाख रुपये के लिए पात्र होगा और आगे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से उन्हें लाभान्वित किया जाएगा। ऐसे में सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों को इसमें सहयोग करने की आवश्यकता है, ताकि जिले के सभी असंगठित श्रमिकों को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ा जा सके। वही इस कार्य हेतु प्रज्ञा केंद्र संचालकों को प्रति व्यक्ति 16 रुपये का इंसेंटिव भी दिया जाएगा।

■ साइबर क्राइम को रोकने में जिला प्रशासन का करे सहयोग:- उपायुक्त….
इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने के उद्देश्य से सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों को जिला प्रशासन का सहयोग करने और इस दिशा में सक्रियता के साथ काम करने का निर्देश दिया। आगे उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध के प्रति जानकारी की कमी के चलते आए दिन कोई न कोई इनका शिकार बनता है। ऐसे में सभी के सहयोग से अपराध पर लगाम कसने के उद्देश्य से आने वाले दिनों में विशेष कार्यशाला आयोजित किए जाएंगे, जिसमे प्रज्ञा केंद्र, साइबर कैफे व सिमकार्ड बेचने वाले प्रतिनिधियों को जोड़ा जाएगा, ताकि जहाँ से इसकी शुरुआत होने की ज्यादा संभावना होती है उन्हें जागरूक और सतर्क किया जा सके। इस दौरान मौके पर उपस्थित साइबर डीएसपी श्री सुमित द्वारा साइबर अपराध से बचने के तरीकों और पुलिस प्रशासन को सहयोग करने की गतिविधियों से सभी को अवगत कराया। साथ ही उन्होंने सभी प्रज्ञा केंद्र संचालकों को इस दिशा में पारदर्शिता के साथ कार्य करने की बात कही। वही उन्होंने प्रज्ञा केंद्र संचालकों की साइबर क्राइम में भूमिका और इसपर की जाने वाली कार्यवाही से सभी को अवगत कराया। आगे साइबर डीएसपी द्वारा जानकारी दी गई साइबर क्राइम में आईटी एक्ट के तहत पुलिस कार्रवाई करती है। आईटी एक्ट में जुर्माने से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान है। आईटी (संशोधन) कानून 2009 की धारा 66 (ए) के तहत तीन साल तक की जेल और/या जुर्माने का प्रावधान है। वर्तमान में आवश्यक है कि इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान किस तरह से सावधानी बरतें। ताकि वह धोखाधड़ी का शिकार न हों।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे श्रम अधीक्षक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, साइबर डीएसपी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, सीएससी मैनेजर, जिले के सभी रोजगार सेवक, प्रज्ञा केंद्र के संचालक आदि उपस्थित थे।

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