सेवा अधिकार अधिनियम के तहत भौतिक सत्यापन हेतु किसी को अधिकारी या कर्मचारियों के चक्कर न लगाना पड़े- उपायुक्त

जन सेवा के लिए लागू सेवा अधिकार अधिनियम- उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री

कार्य में कोताही या देरी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई- उपायुक्त

आमजनों का जीवन सुगम बनाने पर दे जोड़- उपायुक्त

पहले आओ और पहले पाओ के तर्ज पर करे कार्य- उपायुक्त

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में सेवा के अधिकार अधिनियम के ससमय क्रियान्वयन को लेकर ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत कई सेवाएं अधिसूचित हैं, ऐसे में उन्हें समय पर उपलब्ध करवाना संबंधित विभाग के अधिकारी की जिम्मेदारी व जवाबदेही है। वही दूसरी ओर सबसे महत्वपूर्ण है कि ऑनलाइन आवेदन जमा करने से पहले भौतिक सत्यापन कराने में किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की समस्या का सामना या अंचल निरीक्षक, हल्का कर्मचारी, अंचल कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर का चक्कर न लगना पड़े, इसका विशेष रूप से ध्यान रखें और भौतिक सत्यापन के कार्य मे तेजी लाए, ताकि चल रहे इन कार्यों में गति लाई जा सके।

इसके अलावे बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि जनता की सेवा सुनिश्चित कराने के लिए सेवा का अधिकार अधिनियम लागू किया गया है। ऐसे में जिले के सभी अंचलाधिकारी व उन्हें अधीनस्थ कर्मचारियों अपनी कार्यशैली को बेहतर करते हुए कार्य करे, ताकि आमजनमानस को कार्यालय का चक्कर या समस्या का सामना न करना पड़े। वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा 56 सेवाओं को अधिनियम के दायरे में शामिल किया है। इसमें अंचल व प्रखंड कार्यालयों में निर्गत किए जाने वाले जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्र, विद्युत आपूर्ति, टेलीफोन बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, विधवा पेंशन को शामिल किया गया है। इस कानून के तहत निर्धारित सेवा अवधि में जनता को सेवा उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में 500 रुपए से 5 हजार रुपए तक जुर्माना और कड़ी कानूनी कार्यवाही का प्रावधान किया गया है। ऐसे में लोगों का निर्धारित समय पर काम हो और उन्हें कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े इसका विशेष रूप से ध्यान रखें। ऐसे में जिले के संबंधित अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने कार्यप्रणाली में सुधार लाए अन्यथा तो आवश्यक कार्रवाई के अलावा जुर्माना वसूली का आदेश भी जारी किया जाएगा। साथ ही समय पर सेवा उपलब्ध न करवाने वाले विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों को उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि सेवाओं के लिए आवेदन करने वाले नागरिकों को संतुष्ट करने के साथ हर विभाग को रद्द किए जाने वाले आवेदनों की संख्या घटाने की आवश्यकता है। आगे उन्होंने कहा बिना वजह के ऐसा करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

■ शत प्रतिशत छात्र-छात्राओं को मिले छात्रवृत्ति का लाभ:- उपायुक्त…..
ऑनलाइन बैठक के दौरान उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी 25 अक्टूबर तक छात्रवृत्ति योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन जमा करने की तिथि है, ऐसे में संबंधित अधिकारी व कर्मचारी विशेष रूप से ध्यान रखेंगे की किसी भी छात्र का आवेदन किसी कागजात की वजह से रुके नही। छात्रवृत्ति योजना का मुख्य उद्देश्य मैट्रिक के बाद मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्राप्त कर रहे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति के गरीब छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वो बेहतर पढ़ाई और शिक्षा प्राप्त कर सके।

इस दौरान उपरोक्त के अलावे अपर समाहर्ता श्री चंद्र भूषण प्रसाद सिंह, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रवि कुमार, जिले के सभी प्रखंडो के अंचलाधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, सीएससी मैनेजर श्री सत्यम कुमार, सभी अंचल निरीक्षक, हल्का कर्मचारी, सभी अंचल कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रज्ञा केंद्र संचालक आदि उपस्थित थे।

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